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Posts published in “लेख”

ओला, उबेर और मानसिकता: गूगले हो क्या !

प्रिंट अंक: पेज ३,  फ़रवरी १-१५ २०१८ “काली पीली थी, है, रहेगी, बहुत आये और गए, देखते रह्ये… हमारा सबसे पुराना यूनियन है. जॉर्ज पेर्नान्देस…