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संघर्ष के ४० साल : पहुँच गए आजाद मैदान मुंबई

आजाद मैदान
मुबई आज़ाद मैदान : महाराष्ट्र के अमरावती शहर के लोग अपने मुलभुत मांगो और हक के लिए लड़ रहे है.

मुंबई २८ दिसम्बर २०१५ : महाराष्ट्र के अमरावती शहर में कुछ बड़े इलाको में से एक है बिछु टेकडी. इसमें एकता नगर, तट्टा कॉलोनी, जेल क्वार्टर, सागर नगर, विटभट्टी परिसर, आंबेडकर पुतला परिसर, नजूल आदि भाग आता है. पिछले ४० सालों से यहाँ के लोग अपने मुलभुत मांगो और हक के लिए लड़ रहे है.

इन् लोगों को अपना घर बेचने का हक है मगर ज़मीं बेचने का नहीं क्यूँ की इन लोगो को अपने प्रॉपर्टी कार्ड ही नहीं दिए जा रहे. गनीमत है की शहर में जो भी सरकारी अस्पताल है उनमे से एक भी इस भाग में नहीं है, और जो है वो काफी दूर है. इसकी वजह से यहाँ की गर्भवती महिलाओं की सेहत और जान को भी काफी खतरा होता रहता है. इन लोगो द्वारा ये मांग राखी गयी है की यहाँ गर्भवती महिलाओ के लिए अस्पताल तत्काल शुरू किया जाये .

आंबेडकर गेट के पास जो देशी दारू की दुकान खोली गयी है जिस की वजह से काफी घर टूट रहे हैं. लोगो पर, बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है. उसे तुरंत वह से उठाया जाए ये इनकी मांग है. यहाँ के काफी सारे लोग बहुत गरीब है मगर उनको सरकार से कोई मदद नहीं मिलती तो उनका फिरसे सर्वेक्षण कर उन्हें गरीबी रेखा के निचे वाला प्रमाणपत्र दिया जाये.

आजाद मैदान
मुंबई : आजाद मैदान में अमरावती जिले से बिच्छू टेकडी के रहवासी, अपनी मुलभुत हक की मांग रखते हुए.

यहाँ कोई शौचालय की व्यवस्था नहीं है, इसलिए हर घर को एक टॉयलेट और पानी का नल मिलना चाहिए. यहाँ के गरीब लोगों को सरकारी स्वस्थ धान दूकान से हर महीने धान दिया जाये. और संजय गाँधी निराधार योजना के तहत जो विधवा, बेसहारा, अनाथ, अपांग लोगो को जो पैसा मिलता है वोह बहुत ही कम, मतलब ६००रुपैया बहुत कम है, उससे बढाकर २००० कर दिया जाये जिससे की वो अपनी ज़िन्दगी गुजार सके.

इन् मांगो को लेकर सरकार से बात करने के लिए ये लोग संजय आठवले, शैख़ अजीम शैख़ करीम, शैख़ बबू शैख़ निज़ाम, शारदा बनसोड और शरद मोहोड के नेतृतव में आजाद मैदान पर पहुंचे.

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