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दक्षिण अफ्रीका की महिला ट्रक चालक

सड़क परिवहन भारत की ही भांति दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रों में भी आर्थिक व्यवस्था की एक महत्त्वपूर्ण इकाई है. इस क्षेत्र के सबसे बड़े (और सर्वाधिक संपन्न) राष्ट्र होने के कारण दक्षिण अफ्रीका ही व्यापार व आर्थिक व्यवसाय का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में कुशल ट्रक ड्राईवरों का अभाव अफ़्रीकी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.

इसी समस्या का प्रमुख समाधान बनकर उभरीं हैं दक्षिण अफ्रीका की महिला ट्रक ड्राईवर. अक्सर ऐसा माना जाता है कि महिलायें पुरुष-प्रधान काम करने में या तो अधिक दिलचस्पी नहीं रखतीं, या फिर उसे कुशलतापूर्वक कर नहीं पातीं. परन्तु, ये महिला ड्राईवर बदलाव की बयार के रूप में सामने आयीं हैं, जिनका काम के प्रति रवैया पुरुषों की तुलना में अलग और अधिक सकारात्मक माना जा रहा है. कुछ स्त्री-सूचक आदतें—साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना, ज़ोखिम से बचना, और सावधानी बरतना इत्यादि—ट्रक मालिकों को अधिक से अधिक महिलाओं को नौकरी पर रखने के लिए प्रेरित कर रहीं हैं, क्योंकि इसमें उन्हें सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों नज़र आती हैं.

एज महिला का कहना था—“पुरुष जब आपको सड़क पर ट्रक चलाते हुए देखते हैं तो अक्सर कहते हैं, ‘अरे वो देखो, एक महिला ट्रक चला रही है. कितनी जवान दिखती है…’. कुछ लोग ये भी कहते हैं कि ‘ज़रा हमें भी तो ट्रक चलाना सिखाती जाओ’. हम सिर्फ मुस्कुराकर आगे बढ़ जाते हैं. अब तो ये सब बातें आम लगती हैं……..”
महिलाओं को इस पेशे में अत्यधिक नौकरियाँ दी जा रहीं हैं. कारण सिर्फ़ कानूनी रूप से महिलाओं को ट्रक चलाने की अनुमति मिलना ही नहीं है, अपितु इस सोच को भी पुख्ता बढ़ावा मिलना है कि महिलाएं आम तौर पर ज्यादा सुरक्षित तरीके से वहां संभालती हैं और सरकारी संपत्ति को आनन-फ़ानन में नुक्सान नहीं पहुंचातीं. साथ ही, महिला चालक ऐसे किसी भी प्रकार की गतिविधियों में लिप्त नहीं होती जिससे एड्स/एच.आई.वी जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा सिर पर मंडराने लगे. इन्ही सब वजहों के कारण ट्रक मालिकों को महिला चालक उनके पुरुष सहकर्मियों से बेहतर मालूम होने लगी हैं. हालाँकि महिला चालकों को इस व्यवसाय में प्रवेश पाना और स्वीकारे जाना अब भी चुनौतियों भरा काम लगता है, पर लगभग वे सभी एक स्वर में अपने सहकर्मियों और निरीक्षकों के साथ मधुर सम्बन्ध होने की बात कहती हैं. महिला चालकों को नौकरी न देने वाले व्यवसायी भले ही कार्य-क्षेत्र में महिला-पुरुष के काम में अंतर और गर्भावस्था आदि के कारण झेले जाने वाले नुक्सान की दलील दें, पर महिला-कर्मियों के साथ काम करने वाले मालिकों का मत है कि महिलाओं द्वारा किये जाने वाले उत्कृष्ट कार्य और व्यापार में फायदे के बदले यह एक छोटी सी कीमत है.

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